Muhuratam

मुहूर्तम्

हरियाली तीज: भक्ति, दांपत्य सौभाग्य और सावन उल्लास का पावन व्रत

श्रावण मास में शिव-पार्वती उपासना, मंगल दांपत्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि का त्योहार

तारीख

2029-08-04

हरियाली तीज चंद्रोदय मुहूर्त

1:37 AM

मुहूर्त समय

हरियाली तीज चंद्रोदय मुहूर्त

शुरुआत समय: 1:37 AM

आपके शहर में श्रावण शुक्ल तृतीया के चंद्रोदय-आधारित व्रत अनुष्ठान का मुख्य समय।

तिथि समय

तृतीया आरंभ

12:00 AM on Aug 04, 2029

तृतीया समाप्ति

07:59 AM on Aug 04, 2029

हरियाली तीज क्या है?

हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है और उत्तर भारत व पश्चिम भारत में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाने वाला सावन पर्व है।

यह व्रत देवी पार्वती और भगवान शिव की आराधना को समर्पित है, जिसमें दांपत्य सौभाग्य, प्रेम और पारिवारिक मंगल की कामना की जाती है।

इस दिन व्रत, पूजा, मेहंदी, झूला, लोकगीत और मंदिर दर्शन के माध्यम से भक्ति और उत्सव का सुंदर संगम होता है।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

हरियाली तीज शिव-पार्वती के दिव्य मिलन की स्मृति में मनाई जाती है और अटूट समर्पण व पवित्र संबंध का प्रतीक है।

व्रत का उद्देश्य वैवाहिक सुख, मानसिक संतुलन, पारिवारिक समृद्धि और आध्यात्मिक स्थिरता की कामना करना है।

सांस्कृतिक रूप से यह पर्व सावन की हरियाली, स्त्री-आध्यात्मिक परंपरा और सामुदायिक उत्सव का प्रतिनिधित्व करता है।

रीति-रिवाज और परंपराएं

  • प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ पूजा स्थल तैयार कर तीज व्रत का संकल्प लें।
  • शिव-पार्वती को पुष्प, बिल्वपत्र, फल और सात्विक भोग अर्पित करें।
  • परिवार परंपरा अनुसार व्रत रखकर मंत्र-जप या स्तोत्र-पाठ करें।
  • मेहंदी लगाएं, पारंपरिक वेशभूषा धारण करें और तीज गीतों में भाग लें।
  • संध्या समय मंदिर दर्शन और आरती में सम्मिलित हों।
  • दांपत्य सुख, परिवार कल्याण और आध्यात्मिक उन्नति हेतु प्रार्थना करें।
  • चंद्रोदय आधारित व्रत-विधि पूर्ण कर प्रसाद वितरण करें।

पूजा-विधि (क्रमबद्ध)

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा सामग्री तैयार करें।

भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान कर संकल्प करें।

फूल, बिल्वपत्र, अक्षत, कुमकुम, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

तीज व्रत कथा, शिव स्तुति या पार्वती प्रार्थना का पाठ करें।

संध्या आरती के साथ चंद्रोदय तक उपासना जारी रखें।

परंपरा अनुसार व्रत का पारण करें।

प्रसाद बांटकर बड़ों का आशीर्वाद लें।

पारंपरिक अर्पण

हरियाली तीज में प्रचलित अर्पण और सेवाएं:

  • शिव-पार्वती पूजा हेतु पुष्प, बिल्वपत्र और पवित्र जल
  • फल और सात्विक नैवेद्य
  • मेहंदी और श्रृंगार सामग्री
  • दान और सेवा से पुण्य संचय
  • संध्या पूजा में दीप और धूप
  • परिवार/समुदाय के साथ प्रसाद वितरण