Muhuratam

मुहूर्तम्

होली: रंग, भक्ति और उल्लास का पर्व

वसंत के आगमन पर बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव

तारीख

2028-03-11

होलिका दहन मुहूर्त

5:57 PM 9 मार्च, 2028 को

मुहूर्त समय

होलिका दहन मुहूर्त

शुरुआत समय: 5:57 PM 9 मार्च, 2028 को

समाप्ति समय: 8:21 PM 9 मार्च, 2028 को

अवधि: 2 घंटे 24 मिनट

होलिका दहन होली से एक दिन पहले प्रदोष काल में किया जाता है, जब पूर्णिमा तिथि विद्यमान हो।

तिथि समय

पूर्णिमा आरंभ

11:51 PM on Mar 10, 2028

पूर्णिमा समाप्ति

08:06 PM on Mar 11, 2028

होली क्या है?

होली हिंदू धर्म का अत्यंत लोकप्रिय पर्व है, जो फाल्गुन पूर्णिमा पर मनाया जाता है। यह वसंत ऋतु के स्वागत, आनंद, मेल-मिलाप और सामाजिक एकता का पर्व है।

होली का मुख्य क्रम दो चरणों में होता है: पहली शाम होलिका दहन और अगले दिन रंगवाली होली। होलिका दहन भक्त प्रह्लाद की कथा के माध्यम से भक्ति की विजय का प्रतीक है।

भारत और विश्वभर के भारतीय समुदायों में होली अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाई जाती है, लेकिन इसका मूल भाव एक ही है: क्षमा, प्रेम, और नए आरंभ का स्वागत।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

होली धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश देती है। प्रह्लाद-होलिका प्रसंग बताता है कि सच्ची भक्ति और सत्य अंततः विजयी होते हैं।

यह पर्व ऋतु परिवर्तन का भी प्रतीक है, जब शीत ऋतु के बाद प्रकृति में नई ऊर्जा आती है। इसलिए होली को नवजीवन और उत्साह का त्योहार माना जाता है।

आध्यात्मिक रूप से होली मन की नकारात्मकता को त्यागकर प्रेम, सद्भाव और करुणा के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

रीति-रिवाज और परंपराएं

  • पूर्णिमा तिथि में प्रदोष काल के दौरान होलिका दहन करें।
  • हवन में नारियल, अनाज, गुड़ और मिठाई अर्पित कर परिक्रमा करें।
  • अगले दिन अबीर-गुलाल के साथ रंगवाली होली मनाएं।
  • बड़ों का आशीर्वाद लें और परिवार-जनों से मिलें।
  • गुजिया, मालपुआ, ठंडाई जैसे पारंपरिक व्यंजन तैयार करें।
  • भजन, लोकगीत और सामुदायिक उत्सवों में भाग लें।
  • प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से उत्सव मनाएं।

पारंपरिक अर्पण

होली के दौरान प्रचलित अर्पण और तैयारी:

  • होलिका दहन में नारियल, अनाज और गुड़ अर्पित करना
  • रंगोत्सव के लिए अबीर और गुलाल
  • गुजिया और अन्य पारंपरिक मिठाइयां
  • फल और सूखे मेवे का प्रसाद
  • पूजन हेतु फूल और धूप
  • उत्सव के लिए ठंडाई जैसे पारंपरिक पेय